Soil Health Card Scheme Information, Budget & Features In Details

By | October 10, 2018

Soil health card scheme क्या है? क्या है इस योजना का लाभ? – भारत एक कृषि प्रधान देश है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत का योगदान कृषि क्षेत्र का है। कृषि क्षेत्र में अधिक तरक्की प्राप्त करने के लिए भारत सरकार ने 2015 में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (soil health card scheme) को लागू किया। योजना का उद्देश्य किसानों को उनके खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुसार फसल लगाने  के लिए प्रोत्साहित करना है। किसान मिट्टी के सेहत के अनुसार फसल लगा कर अच्छी कमाई प्राप्त कर सकते हैं। कृषि क्षेत्र सीधे तौर पर मिट्टी की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। भारत सरकार का उद्देश्य देश के सभी किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूनों को प्राप्त कर खेतों का स्वास्थ्य कार्ड जारी करना है। किसानों को अपने खेतों के स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है। मिट्टी की गुणवत्ता अनुसार फसल लगाने से फसल की उत्पादक क्षमता बढ़ेगी जिससे कि किसानों की आय भी बढ़ेगी।

सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड  (Soil Health Card Scheme) प्रदान किया जाएगा। ये Soil Health कार्ड प्रत्येक 3 साल में किसानों को प्रदान किया जाएगा। कार्ड किसानों को उनके खेतों की गुणवत्ता के अनुरूप प्रदान किया जाएगा जो कि 3 साल के लिए 1 बार प्रदान किया जाएगा। किसान इस कार्ड के अनुरूप अपने खेतों को गुणवत्ता जान सकते हैं। खेतों में पौष्टिक तत्व एवं पानी की मात्रा जान कर किसान आवश्यकता अनुसार खेतों में खाद पानी दे सकते हैं। इस योजना के तहत सरकार ने 568 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। योजना के तहत किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती की पद्धति भी बताई जाएगी।  

Soil Health Card Scheme

Soil Health Card Main Points (सॉइल हेल्थ कार्ड की मुख्य बाते)

भारत के अधिकतर किसान अशिक्षित या कम शिक्षित हैं। जिसकी वजह से वे खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं होते हैं और पारंपरिक तरीक़े से ही खेती करते हैं जिस वजह से उन्हें हमेशा नुकसान या कम लाभ ही प्राप्त हो पाता है। योजना के तहत किसानों के खेतों की मिट्टी का नमूना प्राप्त कर उनके खेतों की गुणवत्ता अनुसार रिपोर्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा। किसानों को उनके खेतों की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों एवं नमी के बारे में बताया जाएगा। किसानों को वैसे फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जो फसल उनके खेतों के गुणवत्ता के अनुरूप हो जिससे कि वो अत्यधिक उपज पा सकते हैं और आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। भारत सरकार का उद्देश्य खेती में लागत को कम करना एवं लाभ को बढ़ाना है।

Importance of Soil health card Scheme (मृदा स्वास्थय कार्ड योजना की विशेषता) 

Soil health card योजना से जुड़ी मुख्य बातें

  • सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत देश के 14 करोड़ किसानों को अब तक शामिल किया गया है।
  • सरकार का उद्देश्य पूरे देश के किसानों के खेतों की मिट्टी जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करना है।
  • कार्ड की सहायता से किसान अपने खेतों की गुणवत्ता समझ सकते है।
  • अपने खेतों में आवश्यकता अनुसार ही खादों का उपयोग कर सकते है।
  • किसानों को उनके खेतों के अनुसार फसल लगाने का सुझाव दिया जाएगा।
  • योजना के तहत कृषि विभाग के कर्मचारी खेतों से मिट्टी के नमूने हासिल करेंगे।
  • कृषि विभाग के कर्मचारी साल में मिट्टी के 2 नमूने एकत्रित करेंगे।
  • रबी और खरीफ दोनों फसलों के समय नमूने लिए जाएंगे।
  • नमूने एकत्रित करने के लिए कृषि विभाग के कर्मचारी खेतों में 15-20 सेंटीमीटर की गहराई से V आकार में खुदाई कर के नमूने एकत्रित करेंगे।
  • इन नमूनों को कृषि प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
  • मिट्टी के नमूनों की जांच कृषि विशेषज्ञ के हाथों किया जाएगा।
  • जांच पूरी होने के बाद विशेषज्ञ जांच रिपोर्ट बनाएंगे।
  • रिपोर्ट में मिट्टी की उत्पादक क्षमता, मिट्टी में कौन सा पोषक तत्व मौजूद है, किस पोषक तत्व की कमी है! सारी बातों की व्याख्या रिपोर्ट में की जाएगी।
  • मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए उचित सलाह भी किसानों को दी जाएगी।
  • मिट्टी जांच के लिए किसानों को प्रति सैंपल 190 रुपए का शुल्क देना होगा।
  • नमूना प्राप्त करना, मिट्टी की जांच, soil health card जारी करने एवं कार्ड का वितरण सभी का कुल शुल्क 190 रुपए है। आपको अतिरिक्त कोई भी पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।
  • योजना के तहत किसानों को वैसे फसल की बुआई के बारे में बताया जाएगा जो उनके लिए लाभदायक हो। वैसे फसल के बारे में भी बताया जाएगा जिससे कि उन्हें आर्थिक रूप से क्षति उठाना पड़े।
  • योजना के तहत किसान हर 3 साल में अपने खेतों की मिट्टी के नमूनों की जांच करवा सकते हैं।
  • नियमित रूप से मिट्टी की जांच होने से किसान को खेतों की उत्पादक क्षमता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
  • उत्पादक क्षमता बढ़ने से किसान आर्थिक रूप में मजबूत हो सकेंगे।
  • किसानों की तरक्की से देश की अर्थव्यवस्था भी तेज़ गति से बढ़ेगी।
  • योजना के तहत सरकार ने 568 करोड़ रूपए का बजट तय किया है।
  • 100-100 करोड़ रुपए प्रत्येक राज्य को भी आवंटित किए गए है ताकि प्रत्येक राज्य मिट्टी जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित पर सके।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करने में आंध्र प्रदेश राज्य सबसे आगे है, जबकि तामिलनाडु एवं पंजाब में खरीफ फसलों के समय सबसे अधिक मिट्टी के नमूने एकत्रित किए गए। हालांकि तामिलनाडु  मृदा स्वास्थ्य कार्ड रिपोर्ट वितरित करने में पीछे रह गया।
  • अगर आपको मृदा स्वास्थ्य रिपोर्ट वार्ड के बाद भी कुछ समझ नहीं आ रहा है तो आप खेती के बारे में कृषि विशेषज्ञ से मुफ्त सलाह के सकते है।

Check More Pradhanmantri Scheme Details –

सॉइल हेल्थ कार्ड योजना में जुड़े हुए कुछ तथ्य ( Soil Health Card Scheme  Details Info)

मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर उपस्थित जानकारी।

  • मिट्टी की सेहत
  • खेत की उत्पादक क्षमता
  • पोषक तत्व की मौजूदगी एवं पोषक तत्व की कमी
  • पानी की मात्रा यानी नमी
  • अन्य उपस्थित पोषक तत्व
  • खेतों की गुणवत्ता सुधारने हेतु उचित दिशनिर्देश।

Benefits of Soil Health Card Scheme (मृदा स्वास्थय कार्ड योजना के फायदे)

मृदा स्वास्थ्य योजना के लिए एक ऑफिशियल वेबसाइट भी है

Soil Health Card Scheme for Farmers Details Hindi – मृदा स्वास्थ्य योजना की ऑफिशियल वेबसाइट से आप योजना से जुड़ी तमाम मुख्य बातों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपके पास मिट्टी के नमूने के क्रम संख्या है तो आप अपने मिट्टी की जांच रिपोर्ट घर बैठे ही मोबाइल से प्राप्त कर सकते हैं। जांच रिपोर्ट घर बैठे ही प्राप्त करने के लिए योजना से जुड़ी ऑफिशियल वेबसाइट पर https://soilhealth5.gov.in/HealthCard/HealthCard/HealthCardPNew?Stname=Madhya%20Pradesh विजिट करें।

वेबसाइट पर आप अपना नाम एवं मिट्टी के नमूने की संख्या और कुछ बेसिक डिटेल्स भर कर आप मिट्टी की जांच रिपोर्ट प्राप्त कर सकते है।

इसके अलावा अगर आपको जानकारी नहीं है कि आपको खेत में कौन सी खाद या फर्टिलाइजर कितनी मात्रा में प्रयोग करना है तो भी चिंता की कोई बात नहीं है। आप अपने मोबाइल से इस वेबसाइट https://soilhealth.dac.gov.in/calculator/calculator  के द्वारा सुझाव प्राप्त कर सकते हैं एवं प्राप्त सुझाव के अनुसार ही खाद का प्रयोग कर के अच्छी फसल प्राप्त कर सकते हैं।

आप अपने खेतों की जांच करवाना चाहते है या खेती से जुड़ी अन्य कोई भी जानकारी प्राप्त करनी है तो आप किसान सहायता केंद्र के टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर  – 1800-1801551  पर संपर्क कर सकते हैं।

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