Gramin Bhandaran Yojana 2019 Objectives , Loan , Subsidy & PDF

“Gramin Bhandaran Yojana” :- यह स्कीम Nabard Warehouse Scheme और ग्रामीण गोडाउन स्कीम से भी जानी जाती है | ग्रामीण भण्डारण योजना किसानो के हित के सम्बंधित है | यहां पर हम आपको Gramin Bhandaran Yojana In Hindi के बारे में Detail में जानकारी देंगे | जैसे की,

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  • Gramin Bhandaran Yojana Details
  • Gramin Bhandaran Yojana Objectives
  • Loan For Nabard Warehouse Scheme
  • Subsidy Under Nabard Warehouse Scheme
  • Insurance For Rural Godown Scheme
  • Gramin Bhandaran Yojana PDF
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अगर आपको इसके बारे में विस्तार में जानकारी चाहिए तो आपको हमारी इस पोस्ट को पूरी पढ़ना होगा | 

Gramin Bhandaran Yojana In Hindi

Gramin Bhandaran Scheme एक केंद्र संचालित योजना है | ग्रामीण भण्डारण योजना का मुख्य उद्देश्य खेत उत्पादों के भंडारण के लिए गोडाउन बनावट के लिए Loan प्रोवाइड करना है | इस योजना की शुरुआत वर्ष 2001-02 की गई थी |

हमारे देश के प्रत्येक किसानों इतने समर्थ नहीं है की वह अपने फसल के संचय के लिए किसी संग्रह स्थान का निर्माण कर सके | और हमारे देश के किसानो के पास इतना सामर्थ्य नहीं है की वह बाजार में अच्छे भाव मिलने तक अपनी उपज को अपने पास रख सके |

और इस बात को ध्यान में रखते हुए हमारे देश में Gramin Bhandaran Yojana की शुरुआत की गई है | इस स्कीम के अंतर्गत Storage बनाने के लिए हर एक किसान को सरकार के माध्यम से Loan दिया जाएगा | इस योजना के अंतर्गत किसानों को जो Loan दिया जाएगा उसके साथ साथ सरकार के द्वारा Subsidy भी दी जाएगी |

Gramin Bhandaran Yojana Details

हमारे देश में आज के किसान के पास इतना समय नहीं होता की वह लोग अपने Products को बाजार की किंमत आने तक उनका संरक्षण कर सके | और इसी बात को सोचते हुए हमारी सरकार द्वारा Gramin Bhandaran Yojana को लागु की गई |

ग्रामीण गोडाउन के निर्माण के लिए प्रोजेक्ट पुरे देश में व्यक्तियों , किसानों , कृषक समूहों , प्रतिष्ठानों , प्राइवेट सरकारी संस्थाओं , स्वयं सहायता समूहों , कंपनीओ , व्यापारसंघों , गवर्नमेंट संस्थाओं , परिसंघों , कृषि फसल मार्केटिंग कमिटी के माध्यम से शुरू की जा सकती है |

Gramin Bhandaran Yojana के अंतर्गत निवेदक के पास अपनी खुद की जमीन होनी चाहिए | और इसके साथ साथ निवेदक को इस योजना के अंतर्गत की सभी प्रोसेस को पूरी करनी होगी | इस स्कीम के अंतर्गत निवेदक को वैज्ञानिक गोडाउन का निर्माण करना होगा |

इस योजना के तहत गोडाउन कृषि उपज के अनुरूप होनी चाहिए और इसके साथ वह ढांचागत रूप से व्यवस्थित होने चाहिए | इस योजना के अंतर्गत निवेदक को Godown के लिए License लेना जरुरी है | और 1ooo टन या उससे ज्यादा क्षमता वाले Godown केंद्रीय भंडारण निगम ( CWC ) से मान्यता प्राप्त होने चाहिए |

Gramin Bhandaran Yojana Objectives

  • हमारे देश की किसानो की जरुरियातो को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में एक वैज्ञानिक स्टोरेज की स्थापना  करना |
  • इस योजना के अंतर्गत जब किसानों की फसल की कटाई हो जाती है उसके तुरंत कष्ट और दबावों के कारन उस फसल को बेचने की किसानो की मज़बूरी को दूर करना |
  • इस योजना के अंतर्गत गोडाउन नगर निगम सीमा क्षेत्र बहार होना चाहिए |
  • कृषि उपज को मार्केट में बेचने की स्थिति को सुधारने के लिए ग्रेडिंग , मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण को ओर भी प्रोत्साहन देना |
  • इस स्कीम के अंतर्गत Godown की क्षमता कम से कम 50 मेट्रिक टन तो होनी ही चाहिए | अधिक से अधिक 10000 मेट्रिक टन होगी |
  • Gramin Bhandaran Yojana के अंतर्गत Warehouse की ऊंचाई कम से कम 4 से 5 मीटर तो होनी ही चाहिए उससे कम नहीं |
  • इस योजना के अंतर्गत हर किसी को गोडाउन बनाने के लिए दिया जाएगा |
  • और जो Loan दी जाती है उसके ऊपर आपको Subsidy भी प्रोवाइड की जाती है |

Gramin Bhandaran Yojana Place & Size

  • इस योजना के अंतर्गत किसी भी जगह को निवेदक गोडाउन की स्थापना के लिए पसंद कर सकता है |
  • पर इस योजना के अंतर्गत आप गोडाउन की जो भी जगह पसंद करेंगे वह नगर निगम के सीमा क्षेत्र से अंदर नहीं होनी चाहिए |
  • और इस योजना के अंतर्गत गोडाउन की क्षमता का निर्णय भी निवेदक पर आधार रखता है |
  • यह Godown इंजीनियरी अपेक्षाओं के रूप से ढांचागत होने चाहिए |
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय दवारा बनाये गए ग्रामीण गोदाम भी इस स्कीम के तहत काफी सहायता प्राप्त करने में उपयोगी होंगे |
  • कार्यात्मक द्रष्टि से कृषि फसल के Storage के उचित होने चाहिए |
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत अगर Subsidy प्राप्त करनी है तो गोडाउन की क्षमता 100 टन से कम और 30 हजार टन से ज्यादा नहीं होनी चाहिए |
  • जो भी ग्रामीण गोदाम की क्षमता 50 टन हो वह इस कार्यक्रम के तहत Subsidy के पात्र हो सकते है | जो व्यवहार्यता विश्लेषण पर आधार रखेंगे |

NABARD Warehouse Scheme Loan

  • इस योजना के अंतर्गत जो भी किसानों Godown में अपनी फसल रखनी रखने वालो को फसल गिरवी रख कर वायदा loan प्राप्त करने के पत्र समजा जाएगा |
  • वायदा ऋणों के नियम और शर्तो के अनुसार ब्याज दर गिरवी रखने का समय , राशि आदि का मूल्य निर्धारण RBI/ NABARD के माध्यम से जारी दिशा-निर्देश और वित्तीय संस्थानों द्वारा जो अपनाई जानेवाली सामान्य Banking पद्धतिओं के अनुसार किया जाएगा |
  • इस योजना के अंतर्गत Subsidy संस्थागत Loan से सम्बंधित होगी और यह सिर्फ ऐसे Projects के लिए दी जाती है वाणिज्यिक बैंको , प्रादेशिक Rural Banks , राज्य सहकारी बैंकों , राज्य सहकारी कृषि और Rural Development Scheme, कृषि वित्त निगमों , शहरी सहकारी बैंकों इत्यादि वित्त पोषित की गई हो |
  • निवेदक को इस योजना के अंतर्गत Loan पर Subsidy भी प्रोवाइड की जाएगी |
  • इस योजना के अंतर्गत ऋण वापस करने का समय ११ वर्ष है |
  • इसके अंतर्गत निवेदन के हेतु आपको आपकी किसी पास की बैंक की मुलाकात लेनी चाहिए |

NABARD Subsidy Scheme

इस योजना के अंतर्गत Subsidy निम्नलिखित रूप से दी जाएगी |

  • इस योजना के तहत अनुसूचित जाती / जनजाति उद्धमियों से और इस समुदायों से संबंध सहकारी संगठनो तथा पूर्वोत्तर राज्यों , पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित प्रोजेक्ट्स की रकम का एक तृतीयांश Subsidy के रूप में दिया जाएगा जिसकी ज्यादा से ज्यादा सीमा 3 करोड़ रुपये होगी |
  • किसानों की सभी श्रेणियों , कृषि स्नातकों और सहकारी सघंठनों से संबंध प्रोजेक्ट की रकम 25 प्रतिशत Subsidy दी जाएगी जिसकी ज्यादा से ज्यादा सीमा 2.25 करोड़ रुपये होगी |
  • अन्य सभी श्रेणियों के लोगों , कंपनियों और निगमों इत्यादि को प्रोजेक्ट की रकम 15 प्रतिशत Subsidy दी जाएगी जिसकी ज्यादा से ज्यादा सीमा 1.35 करोड़ रुपये होगी |
  • NCDC की मदद से किए जा रहे सहकारी संघठनों के Godown के मरम्मत की प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत Subsidy दी जाएगी |

इस प्रोग्राम के अंतर्गत Subsidy के आशय के लिए प्रोजेक्ट की रकम की गणना निम्नानुसार की जाएगी |

  1. १ हजार टन के क्षमता के लिए :- Loan प्रोवाइड करने वाले Bank द्वारा मूल्यांकित प्रोजेक्ट लागत या वास्तविक लागत या रुपये 3500 प्रति टन भंडारण क्षमता की दर से आने वाली लागत इनमे से जो भी कम हो |
  2. 1 हजार टन से ज्यादा क्षमता वाले Godown के लिए :- Banks द्वारा मूल्यांकित प्रोजेक्ट लागत या वास्तविक मूल्य या 1500 रुपये प्रति टन आनी वाली किंमत इन दोनों में से जो भी कम हो |

वाणिज्यक / Government Banks और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा आर्थिक पोषित प्रोजेक्ट के मामले में Subsidy नाबार्ड के माध्यम से प्रचलित की जाएगी | यह रकम वित्तप्रदाता बैंक की Subsidy रिज़र्व निधि खाते में रखी जाएगी जिसमे कोई Tax नहीं होगा |

Rural Godown Scheme Insurance

इस योजना के अंतर्गत गोडाउन की बीमे की जवाबदारी गोडाउन के मालिक की होती है |

Contact Details

Directorate Of Marketing & Inspection

Tel. :- 0129- 2434348

E-Mail. :- rgs.agri@nic.in

National Bank For Agricultural & Rural Development (NABARD)

Tel. :- 022- 26539350

E-Mail. :- icd@nabard.org

National Cooperative Development Corporation (NCDC)

Tel. :- 011- 26565170

E-Mail. :- naksuri@ncdc.in

हमने आपको इस पोस्ट में Gramin Bhandaran Yojana के बारे में सारी जानकारी देने का प्रयत्न किया है | यह योजना का मुख्य उद्देश्य किसानो को अपने उपज का मार्केट में अच्छा भाव मिले तब तक उस फसल को संग्रह करने की व्यवस्था मिले | इस योजना के अंतर्गत कृषि उपजों के लिए गोडाउन के लिए Subsidy के साथ साथ Loan भी दी जाएगी |

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